हमीरपुर/सरीला। जनपद हमीरपुर में ठंड से गौवंशों को बचाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देश जमीनी स्तर पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। सरीला ब्लॉक की ग्राम पंचायत बीलपुर की गौशाला में ठंड से कई गौवंशों की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से ग्रामीणों में भारी रोष है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला में न तो पर्याप्त भूसा उपलब्ध कराया गया और न ही ठंड से बचाव के कोई पुख्ता इंतज़ाम किए गए। कागज़ों में व्यवस्थाएं पूरी दर्शाई गईं, लेकिन हकीकत में गौवंश खुले में ठंड से तड़पते रहे। कई दिनों से लापरवाही के चलते कमजोर और बीमार गौवंशों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले के लिए ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की घोर लापरवाही व उदासीनता को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। गौशाला की बदहाल स्थिति ने शासन-प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और गौशालाओं में तत्काल ठंड से बचाव के पुख्ता प्रबंध कराने की मांग की है।
इस संबंध मेंजब एडीओ पंचायत राजवीर से से बात की गई तो बताया कि गौवंश बीमार थे, उनका इलाज चल रहा था, मौके पर डिप्टी सीवीओ ने जांच की और पंचनामा भर कर उचित सम्मान के साथ उन्हें डिस्पोज किया गया। उन्होंने बताया कि गौशाला के कर्मचारी भी लापरवाही करते है जब पशु बीमार होते है तो उन्हें खुला छोड़ देते है और ध्यान नहीं देते हैं।
