लखनऊ :
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज राजभवन में उनकी गरिमामयी उपस्थिति में कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए0के0टी0यू0) एवं ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के मध्य विविध विषयों पर समझौता ज्ञापनों (एम0ओ0यू0) का हस्तांतरण सम्पन्न हुआ।
समझौता ज्ञापनों के अंतर्गत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध (ज्वाइंट रिसर्च कोलैबोरेशन), पाठ्यक्रम विनिमय (कोर्स एक्सचेंज) सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं और अब इन्हें उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अपने गुजरात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब सकारात्मक सोच के साथ योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाता है, तो उसके परिणाम भी सकारात्मक रूप में सामने आते हैं।
राज्यपाल जी ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि नए-नए सिलेबस, पाठ्यक्रमों तथा नैक और एन0आई0आर0एफ0 की उत्कृष्ट रैंकिंग मानकों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों से गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
अपने हालिया गुजरात दौरे का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने बताया कि वहां स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी तथा इसरो का स्पेस एप्लीकेशन सेंटर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इसरो द्वारा हाल ही में अमेरिका के “ब्लू बर्ड” के प्रक्षेपण को गर्व का विषय बताया। साथ ही साइबर क्राइम एवं पुलिस प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को समयबद्ध ढंग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया तथा कहा कि भारत को अपनी नवीन और श्रेष्ठ उपलब्धियाँ विश्व को देनी चाहिए और विश्व की अच्छी बातों को भारत को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने भारत को “वसुधैव कुटुम्बकम” एवं भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को मानने वाला देश बताते हुए कहा कि ऐसे ही संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ियों में भी विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश आगमन के उद्देश्यों की सफलता की भी कामना की।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी, श्री राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे ने कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स से पधारे 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यपाल जी के नेतृत्व में पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 10 राज्य विश्वविद्यालयों को नैक की सर्वाेच्च ‘ए प्लस प्लस’ रैंकिंग प्राप्त है। अंतर्राष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों के माध्यम से भी प्रदेश के विश्वविद्यालय निरंतर उत्कृष्ट गुणवत्ता स्तर की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के ट्रस्टी, श्री नरेश कुमार चावड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय भाषाओं की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग है और भारतीय भाषाओं के अध्ययन हेतु कनाडा से छात्र भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि एम0ओ0यू0 के अंतर्गत कार्यों की गति भले ही क्रमिक होगी, लेकिन सभी निर्धारित कदम निश्चित रूप से पूर्ण किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति श्री जे0पी0 पाण्डेय ने समझौता ज्ञापनों को सुखद अनुभव बताते हुए एम0ओ0यू0 के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ0 पंकज एल0 जानी, विशेष कार्याधिकारी श्री राज्यपाल श्री अशोक देसाई, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना, भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति समेत कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से आज राजभवन में उनकी गरिमामयी उपस्थिति में कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स तथा उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख विश्वविद्यालयों लखनऊ विश्वविद्यालय, डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (ए0के0टी0यू0) एवं ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के मध्य विविध विषयों पर समझौता ज्ञापनों (एम0ओ0यू0) का हस्तांतरण सम्पन्न हुआ।समझौता ज्ञापनों के अंतर्गत छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध (ज्वाइंट रिसर्च कोलैबोरेशन), पाठ्यक्रम विनिमय (कोर्स एक्सचेंज) सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति बनी।
इस अवसर पर राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति एवं राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने उपस्थित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले हैं और अब इन्हें उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर तक पहुँचाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने अपने गुजरात के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब सकारात्मक सोच के साथ योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाता है, तो उसके परिणाम भी सकारात्मक रूप में सामने आते हैं।
राज्यपाल जी ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि नए-नए सिलेबस, पाठ्यक्रमों तथा नैक और एन0आई0आर0एफ0 की उत्कृष्ट रैंकिंग मानकों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों से गुणवत्तापूर्ण परिवर्तन परिलक्षित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अभी और प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
अपने हालिया गुजरात दौरे का उल्लेख करते हुए राज्यपाल जी ने बताया कि वहां स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी तथा इसरो का स्पेस एप्लीकेशन सेंटर राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इसरो द्वारा हाल ही में अमेरिका के “ब्लू बर्ड” के प्रक्षेपण को गर्व का विषय बताया। साथ ही साइबर क्राइम एवं पुलिस प्रणाली को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों को समयबद्ध ढंग से कार्य करने हेतु प्रेरित किया तथा कहा कि भारत को अपनी नवीन और श्रेष्ठ उपलब्धियाँ विश्व को देनी चाहिए और विश्व की अच्छी बातों को भारत को आत्मसात करना चाहिए। उन्होंने भारत को “वसुधैव कुटुम्बकम” एवं भगवान बुद्ध के सिद्धांतों को मानने वाला देश बताते हुए कहा कि ऐसे ही संस्कार हमारी आने वाली पीढ़ियों में भी विकसित किए जाने चाहिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश आगमन के उद्देश्यों की सफलता की भी कामना की।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी, श्री राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ0 सुधीर महादेव बोबडे ने कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स से पधारे 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यपाल जी के नेतृत्व में पिछले सात वर्षों में उत्तर प्रदेश ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता के नए आयाम स्थापित किए हैं। वर्तमान में प्रदेश के 10 राज्य विश्वविद्यालयों को नैक की सर्वाेच्च ‘ए प्लस प्लस’ रैंकिंग प्राप्त है। अंतर्राष्ट्रीय समझौता ज्ञापनों के माध्यम से भी प्रदेश के विश्वविद्यालय निरंतर उत्कृष्ट गुणवत्ता स्तर की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के ट्रस्टी, श्री नरेश कुमार चावड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय भाषाओं की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती मांग है और भारतीय भाषाओं के अध्ययन हेतु कनाडा से छात्र भारत आएंगे। उन्होंने कहा कि एम0ओ0यू0 के अंतर्गत कार्यों की गति भले ही क्रमिक होगी, लेकिन सभी निर्धारित कदम निश्चित रूप से पूर्ण किए जाएंगे।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए। डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय, लखनऊ के कुलपति श्री जे0पी0 पाण्डेय ने समझौता ज्ञापनों को सुखद अनुभव बताते हुए एम0ओ0यू0 के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर विशेष कार्याधिकारी शिक्षा डॉ0 पंकज एल0 जानी, विशेष कार्याधिकारी श्री राज्यपाल श्री अशोक देसाई, लखनऊ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना, भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति समेत कैनेडियन हिन्दू चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि मंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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