सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए

प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने आज जनपद फतेहपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान से संबद्ध सरस्वती बालिका विद्या मंदिर के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को लाभ प्रदान करते हुए सामग्री, प्रमाण पत्र एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल जी द्वारा 300 आंगनबाड़ी शैक्षणिक किटों, 10 पोषण पोटली, 1 स्वयं सहायता समूह की दीदी को ई-रिक्शा की चाबी, 110 आयुष्मान कार्ड, 250 घरौनी, 110 मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र तथा जीरो पॉवर्टी योजना के अंतर्गत (मुख्यमंत्री आवास योजना) के एक लाभार्थी को आवास की चाबी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने 60 ऋण डमी चेक, 110 सम्मान निधि प्रमाण पत्र, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 105 लाभार्थियों को डमी चेक, 4 अन्त्योदय योजना के कार्ड, 4 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत कनेक्षन, श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत 100 स्वीकृति पत्र, सी0एम0 युवा उद्यमी अभियान के अंतर्गत 100 डमी चेक एवं सिलाई किट, तथा छात्राओं को 150 टैबलेट का वितरण किया।
राज्यपाल जी ने सी0एस0आर0 (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के अंतर्गत आंगनबाड़ी किट उपलब्ध कराने वाले उद्यमियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को छात्र प्रतिभा सम्मान एवं अन्य सम्मानों से भी सम्मानित किया।
कार्यक्रम में बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। साथ ही विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सभी बच्चों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राज्यपाल जी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, आवास, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी योजनाएं समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचें, यही सुशासन की सच्ची पहचान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरस्वती बालिका विद्या मन्दिर के नवनिर्मित भवन का उपयोग बालिकाओं के हित में किया जाएगा, जो अत्यंत सराहनीय कार्य है। इसके लिए सभी संबंधित बधाई के पात्र हैं। जिस प्रकार दुनिया तेजी से बदल रही है, हमें उससे अछूता नहीं रहना चाहिए, बल्कि समय के साथ स्वयं में परिवर्तन लाना चाहिए।
राज्यपाल जी ने कहा कि भविष्य की पीढ़ी को और अधिक सुदृढ़ एवं सक्षम बनाना हमारी प्राथमिकता है, इसी उद्देश्य से सरकार द्वारा पुरानी शिक्षा नीति में आवश्यक बदलाव करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्तमान तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान एवं तकनीकी से सशक्त बनाने का भरपूर प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा कि जनसहयोग से प्राथमिक विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों में अब बच्चों को पोषणयुक्त भोजन भी प्रदान किया जा रहा है, जिससे बच्चे सुपोषित होंगे और बेहतर रूप से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे, क्योंकि यही बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं। अतः इन पर विशेष ध्यान एवं गंभीर विचार किए जाने की आवश्यकता है।
राज्यपाल जी ने कहा कि सरकार द्वारा स्वामित्व योजना के अंतर्गत घरौनी का वितरण किया जा रहा है, जिससे भूमि संबंधी विवादों का समाधान संभव हो सकेगा। असल दस्तावेजों के अभाव में लोग भूमि विवादों में अपना तथा अपने परिवार का भविष्य खो देते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से अभियान के रूप में स्वामित्व योजना के अंतर्गत घरौनी का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में दहेज प्रथा एक गंभीर बीमारी है, जिसे समाज से समाप्त किया जाना आवश्यक है। इसके लिए सही शिक्षा के साथ-साथ व्यवहार और संस्कारों पर भी विशेष ध्यान देना होगा, क्योंकि एक छोटी-सी गलती से व्यक्ति अपना पूरा जीवन बर्बाद कर देता है। इसलिए शिक्षा के साथ व्यवहार और संस्कार को जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे या परिवार किसी कारणवश इस प्रकार की गलती का शिकार हो गए हैं, उनके जीवन को संवारने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और संस्कार के क्षेत्र में कार्य किया जाना चाहिए। साथ ही उन्हें हुनर सिखाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करना चाहिए, जिससे वे आगे बढ़ सकें। सही सोच और सही शिक्षा का होना बहुत जरूरी है, जिससे व्यक्ति परिश्रम के साथ आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार भी आपके प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए सदैव तत्पर है।
उन्होंने कहा कि 09 वर्ष से 15 वर्ष की आयु की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन अवश्य लगवानी चाहिए, जिससे भविष्य में बेटियों को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा न रहे। इसके लिए जनसहयोग भी लिया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि एचपीवी वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं से की जाए। साथ ही उन्होंने पुलिस अधीक्षक से कहा कि हमारी सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मी दिन-रात कार्य करते हैं, अतः पुलिस कर्मियों की 09 से 15 वर्ष की आयु की बेटियों की सूची तैयार कर उन्हें एचपीवी वैक्सीन लगवाई जाए।
राज्यपाल जी ने बालिकाओं कोे संबोधित करते हुए कहा कि विवाह 21 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद ही करना चाहिए। यदि परिवार वाले केवल धन के लालच में विवाह का प्रस्ताव दें, तो उससे स्पष्ट रूप से मना कर देना चाहिए और शिक्षित एवं संस्कारवान परिवार में ही विवाह करना चाहिए।
राज्यपाल महोदया ने कहा कि केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाएं गरीबों के हित के लिए बनाई गई हैं, अतः मा0 जनप्रतिनिधिगण को चाहिए कि वे घर-घर जाकर पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ें।
उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो किट प्रदान की गई हैं, उनका उपयोग बच्चों के भविष्य के निर्माण हेतु पूर्ण संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ किया जाए।
जिलाधिकारी श्री रविन्द्र सिंह ने कहा कि मा0 राज्यपाल महोदया की प्रेरणा से केजीएमयू एवं स्थानीय सहयोग के माध्यम से प्रशासन द्वारा जनपद के 300 आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों को खेल एवं शिक्षा के लिए प्री-स्कूल किट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक विकास में बचपन के दौरान उपलब्ध कराया गया वातावरण अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों एवं विद्यालयों में बच्चों को सभी अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बच्चों के उचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए कई अभिनव पहलें भी प्रारंभ की गई हैं। उन्होंने बताया कि शून्य से एक वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के सामयिक टीकाकरण हेतु एआई आधारित डैशबोर्ड एवं एएनएम मोबाइल ऐप के माध्यम से आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में सघन समीक्षा की जा रही है।
इसके अतिरिक्त जनपद में लाइट हाउस मॉडल पर आधारित एक आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र विकसित किया गया है, जिसमें बच्चों के लिए स्थानीय वातावरण में प्रारंभिक बाल्यावस्था में सीखने के अवसर बढ़ाने हेतु बाल संवेदी कॉर्नर, मानसिक एवं बौद्धिक विकास को प्रोत्साहित करने वाले खिलौने, दीवारों पर विभिन्न रंगीन चित्र तथा केंद्र के बाहर प्राकृतिक एवं जलवायु अनुकूल गार्डन भी विकसित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि महोदया जी की प्रेरणा से केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों, नीतियों एवं निर्णयों का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मा0 राज्यपाल महोदया को प्रतीकचिन्ह, स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद तथा एक पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अभय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी श्री पवन कुमार मीना, डॉ0 सौरभ मालवीय क्षेत्रीय मंत्री पूर्वी उत्तर प्रदेश, डॉ0 राकेश निरंजन मंत्री भारतीय शिक्षा समिति कानपुर प्रान्त, श्री राम प्रकाश पोरवाल मंत्री भारतीय शिक्षा समिति, श्री जगदीश जी क्षेत्रीय शारीरिक प्रमुख कानपुर प्रांत, अयोध्या प्रसाद मिश्र प्रदेश निरीक्षक कानपुर प्रान्त विद्यालय के अध्यक्ष श्री आनंद स्वरूप रस्तोगी, विद्यालय के प्रबंधक लोक सेवा आयोग के सदस्य डॉ0 हरेश प्रताप सिंह, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नरेंद्र सिंह सहित भरी संख्या में छात्र/छात्राएं एवं उनके अभिभावकगण, अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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