जिलाधिकारी ने चंद्रावल नदी के पुनरोद्धार कार्य का जायजा लिया

 हमीरपुर। जलोदय जल अभियान के अन्तर्गत चन्द्रावल नदी के पुनरोद्धार कार्य का ग्राम भवानी, छिरका, नरायच, टोलामाफ एवं पढ़ौरी में जिलाधिकारी घनश्याम मीना द्वारा अधिकारियों की टीम के साथ निरीक्षण कर कार्य की प्रगति की जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से जनपद में चंद्रावल नदी का पुनरोद्धार कार्य किया जा रहा है। जनपद की इस जीवनदायिनी नदी के पुनरोद्धार कार्य से यहां के लोगों तथा आने वाली पीढ़ियों को काफी फायदा होगा।यह ऐतिहासिक नदी जनपद हमीरपुर में 68 किलोमीटर की यात्रा करती है, जिसमें पुनरोद्धार कार्य हेतु 19 पैच चिन्हित किए गए हैं। प्रत्येक पैच आवश्यक कार्य कराने के उद्देश्य से अधिकारियों व कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है, ताकि यह पुनीत कार्य सकुशल संपन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि नदी पुनरोद्धार का पूरा कार्य जनसहयोग व जन भागीदारी से कराया जा रहा है। इस कार्य में कोई भी सरकारी धनराशि प्रयोग नहीं की जा रही है।इस पूरे कार्य से 22 ग्राम पंचायतों की आम जनता लाभान्वित होगी। इस क्षेत्र का जल स्तर बढ़ेगा तथा हर साल बारिश के समय बाढ़ से होने वाला खेतों का कटान भी रुकेगा।नदी से जो मिट्टी/ सिल्ट हटाई गई है उस पर नदी के दोनों तरफ सघन वृक्षारोपण का कार्य किया जाएगा।इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस पुनीत कार्य की ग्राम वासियों द्वारा सराहना व्यक्त की गयी।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने ग्राम सिसोलर में गौशाला का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस मौके पर उन्होंने गौवंशों को गुड़ खिलाई और सर्दी के दृष्टिगत गौवंशों की सुरक्षा हेतु जनपद की सभी गौशालाओं में पर्याप्त इंतेज़ाम कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशाला में नियमित रूप से अलाव जलाए जाएं और गौवंशों को पर्याप्त भूसा और चारा उपलब्ध कराया जाए।हर जगह शेड, पानी, लाइट आदि की भी व्यवस्था रहे।सर्दी से गौवंशों की रक्षा हेतु उन्हें टाट की झूलें व बोरे आदि से भी कवर किया जाए। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि किसी भी गौशाला में सर्दी व चारे-पानी की कमी से कोई भी गौवंश हताहत न होने पाए, अन्यथा संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होगी।

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