सचिव डालसा ने मानवाधिकार का सम्मान करने और उनका उल्लंघन न करने की शपथ दिलाई

हमीरपुर। आज दिनांक 10.12.2025 को मानवाधिकार दिवस के पावन अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हमीरपुर के तत्वाववधान में एक सशक्त एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन राजकीय बालिका इण्टर कालेज, हमीरपुर में किया गया। इस कार्यक्रम का शीर्ष नेतृत्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के सचिव डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय ने किया, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती सरस्वती, संस्था के प्रमुख अध्यापकगण, और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत भाषण के साथ हुई, जिसमें प्रधानाचार्य श्रीमती सरस्वती ने सभी अतिथियों और उपस्थित सदस्यों का हृदय से स्वागत किया। उन्होंने मानवाधिकार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवाधिकार केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के अस्तित्व और गरिमा का आधार है। उन्होंने विद्यार्थियों को मानवाधिकारों के प्रति जागरूक बनते हुए समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने हेतु प्रेरित किया।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डॉ. महेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा संविधान दिवस, पाक्सो एक्ट (Protection of Children from Sexual Offences Act), एवं घरेलू हिंसा से संबंधित जागरूकता विषय पर विस्तृत जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि संविधान में निहित मौलिक अधिकार हर नागरिक का अभिन्न हिस्सा है और इसके संरक्षण के लिए समर्पित होना सभी का कर्तव्य है।
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पाक्सो एक्ट के उद्देश्य और उसकी आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की गयी। उन्होंने बताया कि यह कानून खासतौर पर बच्चों को यौन शोषण, अत्याचार और शारीरिक नुकसान से बचाने के लिए बनाया गया है। इसके तहत बच्चों के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को कड़ी सजा का प्रावधान है। साथ ही सचिव द्वारा विद्यार्थियों और शिक्षकों को सतर्क रहने और किसी भी आपराधिक कृत्य की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने का निर्देश भी दिया।
घरेलू हिंसा के विषय पर बात करते हुए, सचिव द्वारा बताया गया कि घरेलू हिंसा सिर्फ शारीरिक हिंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक अत्याचार भी शामिल हैं। उन्होंने महिलाओं, वृद्धों और बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए कड़े कानून और सामाजिक समर्थन की आवश्यकता पर बल दिया। विद्यार्थियों को बताया गया कि वे अपने अधिकारों से अवगत हों और यदि किन्हीं दिक्कतों का सामना करते हैं तो संबंधित संस्थानों और विधिक सेवा प्राधिकरण से तत्काल मदद प्राप्त करें।
कार्यक्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मानवाधिकार की शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अन्य सदस्यों ने मानवाधिकारों का सम्मान करने और उनका उल्लंघन न करने की शपथ दिलायी गयी। यह शपथ हर नागरिक के प्रति उनके नैतिक और सामाजिक दायित्व को याद दिलाती है।
इस अवसर पर उपस्थित सभी ने मानवाधिकारों के प्रति अपने व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने और समाज में शांति और न्याय स्थापित करने का संकल्प लिया। मानवाधिकारों की रक्षा हेतु किये गए इस प्रयास ने हमीरपुर क्षेत्र में सामाजिक न्याय और कानूनी जागरूकता को बढ़ावा दिया है।

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