हमीरपुर। कुरारा विकास खंड के सभागार में एक दिवसीय वर्षा जल संचयन कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जल संरक्षण को लेकर प्रशिक्षण दिया गया।
जल जीवन मिशन यूनोप्स द्वारा एक दिवसीय रैन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यक्रम के प्रशिक्षण का आयोजन विकासखंड सभागार में किया गया। इस प्रशिक्षण में जल सहेलियां, आंगनवाड़ी, आशा कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान, पंचायत सहायक, वी डब्ल्यू एस सी सदस्य आदि ने प्रतिभाग किया।प्रशिक्षक जल जीवन मिशन के सेक्टर पार्टनर यूनोप्स के जिला सलाहकार सुभाष चन्द्र पाण्डेय ने वर्षा संचयन क्यों आवश्यक है। वर्षा संचयन के लाभ, वर्षा संचयन के तरीके एवं वर्षा जल संचयन में महिलाओं की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ कुरारा ब्लॉक प्रमुख आशीष पालीवाल जी एवं कुरारा सी एच सी प्रभारी सुनील जायसवाल जी, सोशल एक्सपर्ट संतोष जी, जिला डाटा एनालिसिस सिद्धगोपाल त्रिवेदी जी, सुशील सोनी जी द्वारा माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन करके किया गया।प्रतिभागियों द्वारा चार्ट के माध्यम से वर्षा जल संचयन पर चर्चा की गई।सिद्धगोपाल जी द्वारा वर्षा जल के संचयन के लिए कहा गया कि वर्षा का जल बेकार जाने से अच्छा है कि उसे हम अपने प्रयासों द्वारा एकत्र करके वाटर लेबल के साथ साथ जल की गुणवत्ता को भी बढ़ा सकते है एवं बाढ़ अकाल आदि से बच सकते हैं।
वही जल सहेली आरती जी द्वारा कहा गया कि वर्षा के जल को बहने की अपेक्षा गड्ढों, तालाबों, कुओं आदि में भरने की व्यवस्था करनी चाहिए जिससे ये बाद में हमारे कई दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।
पंचायत सहायक आकांक्षा एवं आरती जी द्वारा तालाबों के सफाई एवं गहरीकरण के साथ साथ मेड़बंदी पर जोर दिया गया कि खेत का पानी खेत में रहे। जिससे खेतों में नमी बनी रहे।सोशल एक्सपर्ट संतोष सर जी के द्वारा जल के महत्व के विषय में पूर्ण रूप से जानकारी प्रदान की गई। वहीं आंगनवाड़ी सुपरवाइजर काजल जी आशा जी एवं प्रमिलेश जी द्वारा जलसंचयन में के लिए लोगो को जागरूक करने की जिम्मेदारी सभी लोगों को उठाने के लिए कहा गया।कार्यक्रम में रेशू जी माधुरी, कमल सिंह, सत्यनारायण, भूपसिंह, नीलम, आशा, गुड़िया, अनीता, सरिता, लीला, कामिनी आदि लोगों के साथ अनेकों जल सहेली, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
