दलदल युक्त रास्ता स्वच्छता मिशन की खोल रहा पोल

हमीरपुर। जनपद के जलालपुर थाना क्षेत्र के कदौरा गांव में प्राथमिक विद्यालय के सामने रास्ते में लबालब भरे कीचड़ विद्यार्थी और ग्रामीणों के लिए बना मुसीबत। गांव निवासी गजेंद्र यादव ने बताया कि कई बार शिकायत कि लेकिन किसी ने कोई सुध नहीं ली। बच्चे और ग्रामीण इसी दलदल से निकलने को मजबूर हे। उपरांत इसके समस्या का कोई हल नहीं निकला।
केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों व नगरों की साफ सफाई पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही हैं। सरकार की ओर से स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के दावे भी किए जा रहे हैं कितु जमीनी हकीकत कुछ और ही बंया कर रही हैं। आज भी दर्जनों गांव स्वच्छ भारत मिशन की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहें हैं। तमाम गांव कागज पर ओडीएफ घोषित हो चुके हैं कितु धरातल पर सचाई कुछ और है। बताते चलें कि तहसील सरीला के कदौरा, न्यूली बांसा, लोधीपुरा बरहरा, बसरिया, चंदौत डांडा, भेड़ी, जलालपुर, मसीदन, कुपरा बंगरा सहित दर्जनों गांव फाइलों में तो स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के झंडे गाड़ दिये हैं कितु वास्तविक स्थिति ठीक इसके उल्टा है। दर्जनों गांवों में अभी भी गंदगी का अंबार हैं। नालियां खुलेआम आने जाने वाले मार्गों पर बह रहीं हैं, वही आज भी कई गांवों में महिलाएं खुले में शौच करने को विवश हैं। हालात यह है कि क्षेत्र के कई गांवों में अभी भी गरीबों को शौचालय नहीं मिला हैं, जिसके चलते लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। अधिकांश गांवों में साफ सफाई नहीं हो रही हैं, कई गांवों में तो सफाई कर्मचारी भी नहीं आते। इससे ग्रामीणों में घोर आक्रोश है। कदौरा गांव निवासी गजेंद्र यादव ने बताया कि सरकार की सभी योजनाएं सि़र्फ नेताओं के भाषणों और उनकी जेब भरने तक सीमित हैं जबकि जमीनी हकीकत यह हैं कि योजनाओं के असली हकदार जो गरीब हैं उन्हें आज भी इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसके चलते पैसा खर्च करने के बाद भी सरकार की आम जनता में किरकिरी हो रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *