” तू भी नहीं , मैं भी नहीं “

गलतियों  से  जुदा  तू  भी  नहीं

मैं  भी    नहीं   !

दोनों  इंसान  हैं  ,  खुदा  तू  भी  नहीं

मैं  भी   नहीं    !

तू  मुझे  और  मैं  तुझे    इलज़ाम  देते   हैं

मगर  अपने   अन्दर   झांकता

तू  भी  नहीं  ,  मैं  भी   नहीं    !

गलतफहमी  ने  कर  दी   ,

दोनों  में   पैदा  दूरियाँ  ,

वरना  फितरत  का  बुरा

तु  भी  नहीं  ,  मैं  भी   नहीं    !

(  संकलित  )

 

——–  राम  कुमार  दीक्षित  ,  पत्रकार   !

 

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