जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रतिदिन दो घंटे करें परमात्मा की भक्ति — स्वामी गिरीशनंद

जीवन को सार्थक बनाने के लिए प्रतिदिन दो घंटे करें परमात्मा की भक्ति — स्वामी गिरीशनंद

सुमेरपुर, हमीरपुर। कस्बा सुमेरपुर के उदय गार्डन में चल रहे संत प्रवचन कार्यक्रम में शनिवार को प्रवचन देते हुए स्वामी गिरीशनंद महाराज ने कहा कि जीव का वास्तविक कल्याण केवल परमात्मा की भक्ति में मन लगाने से ही संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संदेश दिया कि सांसारिक समस्याओं और चिंताओं में उलझा मन तभी शांति पाता है जब वह ईश्वर के चिंतन और नाम-स्मरण में डूब जाता है।

स्वामी जी ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित भोजन और व्यायाम आवश्यक है, उसी प्रकार आत्मा को शुद्ध और दृढ़ बनाने के लिए परमात्मा का स्मरण जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में 24 घंटे में कम से कम दो घंटे का समय भक्ति, जप, ध्यान और सत्संग के लिए जरूर निकालना चाहिए। यह समय सुबह या शाम, जब भी मन शांत हो, निर्धारित किया जा सकता है। स्वामी जी के पूर्व अलवर राजस्थान के संत डाक्टर मुक्तानंद ने कर्मयोग पर प्रवचन करते हुए लोगों को निष्काम भाव से सत्कर्म करते हुए जीवन धन्य बनाने का संदेश दिया, वृंदावन के संत स्वामी सर्व चैतन्य ने कहा कि भक्ति मन को सद्चरित्र बनाती है, अहंकार को दूर करती है और जीवन में संतोष व सरलता लाती है। उन्होंने भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम के आयोजक राजेश सिंह, निशांत सिंह, सौमित्र सिंह सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे । जिन्होंने स्वामी जी के उपदेशों को भावपूर्वक सुना। प्रवचन के दौरान भजन-कीर्तन से वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और भक्तिमय बना रहा
वहीं अनेक श्रद्धालु प्रवचन समाप्ति के बाद स्वामी जी से आशीर्वाद लेने पहुंचे।

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