Uncategorized ” इश्क़ “ YugVaibhav August 11, 2025 No Comments कहर के तमाम मोहरों के बीच , मैं इश्क़ का दाँव लाया हूँ ! लाखों के सौदे वाली चीज , महज़ कुछ पैसों के भाव लाया हूँ ! हिंसा की बेज़ार गलियों में , सुखन की छाँव लाया हूँ ! तेरे नफरत भरे शहर में , मैं मोहब्बत का गाँव लाया हूँ ! ( संकलित ) —– राम कुमार दीक्षित , पत्रकार ! Post Views: 89