दशहरा का तात्पर्य , सदा सत्य की जीत , गढ़ टूटेगा झूठ का , करें सत्य से प्रीत ! सच्चाई की राह पर ,…
View More ” दशहरा “Author: YugVaibhav
” जोकर की सीख “
एक बार एक सर्कस का जोकर लोगों को एक चुटकला सुना रहा था ! चुटकला सुनकर लोग खूब जोर–जोर से हँसने लगे ! कुछ देर…
View More ” जोकर की सीख “” शांत रहने का सूत्र “
” शांत रहने का सूत्र “ यूनानी विचारक डायोजनीज अपना ज्यादातर समय घूमने–फिरने में बिताया करते थे ! वे सुकरात के शिष्य थे और उन्हीं…
View More ” शांत रहने का सूत्र “” सड़कों पर तो जाम बहुत है “
” सड़कों पर तो जाम बहुत है “ *अच्छी थी पगडंडी अपनी।* *सड़कों पर तो जाम बहुत है।।* *फुर्र हो गई फुर्सत अब तो।* *सबके…
View More ” सड़कों पर तो जाम बहुत है “” काहे को दुनिया बनाई “
” काहे को दुनिया बनाई ” ? दुनिया बनाने वाले, क्या तेरे मन में समाई, काहे को दुनिया बनाई तूने काहे को दुनिया बनाई ?…
View More ” काहे को दुनिया बनाई “” ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है “
” ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है “ एक प्यार का नग़मा है , मौजों की रवानी है ! ज़िंदगी और कुछ…
View More ” ज़िंदगी और कुछ भी नहीं, तेरी मेरी कहानी है “” लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती “
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती ! कोशिश करने वालों की हार नहीं होती ! नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है ,…
View More ” लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती “” पुष्प की अभिलाषा “
चाह नहीं मैं सुरबाला के, गहनों में गूंथा जाऊँ, चाह नहीं प्रेमी— माला में, बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव, पर, हे…
View More ” पुष्प की अभिलाषा “” हँसने हँसने में फ़र्क़ है “
“किसी पर हँसना और किसी के साथ हँसना, दोनों में फ़र्क़ है “ एक बार विनोबा भावे युवकों के एक दल के साथ भ्रमण कर…
View More ” हँसने हँसने में फ़र्क़ है “” मदद “
शनिवार की रात लगभग साढ़े ग्यारह बजे जय कार्यालय से घर लौट रहा था। कुछ दूर जाने पर उसे सड़क किनारे एक युवती दिखाई दी,…
View More ” मदद “