*धीरे धीरे कितने नाजायज़ ख़र्च से जुड़ते गए हैं हम :– ● टॉयलेट धोने का हार्पिक अलग ● बाथरूम धोने का अलग ● टॉयलेट की…
View More ” विज्ञापनों की दुनिया में फंसता समाज “Author: YugVaibhav
” मूर्खता की कीमत “
किसी घने जंगल में अनेक प्रकार के जानवर रहते थे। उसी जंगल में एक शक्तिशाली शेर भी रहता था, जिसने एक चालाक लोमड़ी को अपना…
View More ” मूर्खता की कीमत “” समझदारी का सच्चा निर्णय “
राशि का विवाह हुए अभी एक ही दिन हुआ था। उसने अपने नए जीवन को लेकर अनेक सुंदर सपने संजोए थे, परंतु विवाह के अगले…
View More ” समझदारी का सच्चा निर्णय “” सूर्य – पुत्र “
गर्भ में जब करण ने जन्म लिया, तभी से मानो एक अनदेखा सूरज धधकने लगा था। कुंती, जो धर्म और मर्यादा की सीमा में बंधी…
View More ” सूर्य – पुत्र “” दीवाल पर छपे पछतावे के निशान “
पिता जी अब बूढ़े हो चले थे। उनके कदम पहले जैसे मजबूत नहीं रहे थे, इसलिए घर में चलते समय वे अक्सर दीवार का सहारा…
View More ” दीवाल पर छपे पछतावे के निशान “” सत्संग का असर “
एक बार एक चोर जब मरने लगा तो उसने अपने बेटे को बुलाकर एक नसीहत दी:-” अगर तुझे चोरी करनी है तो किसी गुरुद्वारा, धर्मशाला…
View More ” सत्संग का असर “” धैर्य और संयम “
एक समय की बात है, जब भारतवर्ष के प्राचीन काल में, पवित्र नदियों और घने वनों से घिरे एक आश्रम में एक महान शिल्पकार ऋषि…
View More ” धैर्य और संयम “” भक्त और भगवान् के बीच अटूट संबंध “
एक समय की बात है, एक संत जगन्नाथ पुरी से मथुरा की ओर यात्रा कर रहे थे। उनके पास अत्यंत सुंदर ठाकुर जी की मूर्ति…
View More ” भक्त और भगवान् के बीच अटूट संबंध “” विजेता मेढ़क “
बहुत समय पहले की बात है।एक सरोवर में बहुत सारे मेंढक रहते थे ।सरोवर के बीचों-बीच एक बहुत पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था जिसे उस सरोवर को बनवाने वाले राजा ने लगवाया था। खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी थी। एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए ।रेस में भाग लेने वाली प्रतियोगीयों को खम्भे…
View More ” विजेता मेढ़क “” सच्चा हीरा “
एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दियों के दिन थे, इसीलिये राजा का दरबार खुले में बैठा था। पूरी आम सभा सुबह की धूप…
View More ” सच्चा हीरा “