बहुत समय पहले की बात है। प्राचीन भारत में धर्मपाल नाम का एक राजा राज्य करता था। वह पराक्रमी तो था, लेकिन उसे अपने धन,…
View More ” शनिदेव का न्याय “Author: YugVaibhav
” बर्फ का टुकड़ा “
नगर के एक शांत मोहल्ले में किशोरी देवी अपने बेटे और बहू प्रमिला के साथ रहती थीं। किशोरी देवी का स्वभाव बहुत सरल और दयालु…
View More ” बर्फ का टुकड़ा “” अहंकार का पतन “
सतयुग की बात है। हिमालय की तलहटी में एक दिव्य वन था, जिसे देववन कहा जाता था। उस वन में अनेक वृक्ष, पशु-पक्षी और ऋषि-मुनि…
View More ” अहंकार का पतन “” सबका मंगल हो “
सतयुग की बात है। देवलोक में एक युवा देवकुमार रहता था, जिसका नाम सुमंगल था। वह अत्यंत प्रतिभाशाली था, परंतु उसमें एक दोष था—वह हर…
View More ” सबका मंगल हो “” छुटकी का बड़ा सपना “
शहर की एक छोटी-सी चाय की दुकान पर रोज़ की तरह ग्राहकों की भीड़ लगी हुई थी। दुकान के कोने में एक आठ-दस साल की…
View More ” छुटकी का बड़ा सपना “” अदृश्य प्रेम का सहारा “
एक छोटे से शहर में एक वृद्ध दंपति रहते थे। पति का नाम मोहनलाल था और उनकी उम्र लगभग अस्सी वर्ष थी। उनकी पत्नी सरला…
View More ” अदृश्य प्रेम का सहारा “” आधा छप्पर, पूरा आकाश “
एक घने जंगल के किनारे दो साधु रहते थे। उनमें से एक वृद्ध था, जिसका नाम स्वामी शांतानंद था, और दूसरा उसका युवा शिष्य अर्जुन।…
View More ” आधा छप्पर, पूरा आकाश “” वर्तमान में जीना ही असली आनंद “
सीतापुर के एक छोटे से गाँव में विवेक नाम का एक युवक रहता था। वह पढ़ा-लिखा और मेहनती था, लेकिन उसकी एक आदत उसे हमेशा…
View More ” वर्तमान में जीना ही असली आनंद “” सच्ची श्रद्धा का परिणाम “
एक गाँव में रामदास नाम का एक गरीब किसान रहता था। वह माता लक्ष्मी का बहुत बड़ा भक्त था। हर शुक्रवार को वह व्रत रखता,…
View More ” सच्ची श्रद्धा का परिणाम “” माँ के हाथों के खाने का स्वाद “
बरसात का मौसम था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे और हल्की-हल्की बारिश हो रही थी। शहर के एक बड़े अधिकारी, जिन्हें सभी “साहब”…
View More ” माँ के हाथों के खाने का स्वाद “