गर्भ में जब करण ने जन्म लिया, तभी से मानो एक अनदेखा सूरज धधकने लगा था। कुंती, जो धर्म और मर्यादा की सीमा में बंधी…
View More ” सूर्य – पुत्र “Author: YugVaibhav
” दीवाल पर छपे पछतावे के निशान “
पिता जी अब बूढ़े हो चले थे। उनके कदम पहले जैसे मजबूत नहीं रहे थे, इसलिए घर में चलते समय वे अक्सर दीवार का सहारा…
View More ” दीवाल पर छपे पछतावे के निशान “” सत्संग का असर “
एक बार एक चोर जब मरने लगा तो उसने अपने बेटे को बुलाकर एक नसीहत दी:-” अगर तुझे चोरी करनी है तो किसी गुरुद्वारा, धर्मशाला…
View More ” सत्संग का असर “” धैर्य और संयम “
एक समय की बात है, जब भारतवर्ष के प्राचीन काल में, पवित्र नदियों और घने वनों से घिरे एक आश्रम में एक महान शिल्पकार ऋषि…
View More ” धैर्य और संयम “” भक्त और भगवान् के बीच अटूट संबंध “
एक समय की बात है, एक संत जगन्नाथ पुरी से मथुरा की ओर यात्रा कर रहे थे। उनके पास अत्यंत सुंदर ठाकुर जी की मूर्ति…
View More ” भक्त और भगवान् के बीच अटूट संबंध “” विजेता मेढ़क “
बहुत समय पहले की बात है।एक सरोवर में बहुत सारे मेंढक रहते थे ।सरोवर के बीचों-बीच एक बहुत पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था जिसे उस सरोवर को बनवाने वाले राजा ने लगवाया था। खम्भा काफी ऊँचा था और उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी थी। एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए ।रेस में भाग लेने वाली प्रतियोगीयों को खम्भे…
View More ” विजेता मेढ़क “” सच्चा हीरा “
एक राजा का दरबार लगा हुआ था। सर्दियों के दिन थे, इसीलिये राजा का दरबार खुले में बैठा था। पूरी आम सभा सुबह की धूप…
View More ” सच्चा हीरा “” आज ही क्यों नहीं ? “
एक बार की बात है कि एक शिष्य अपने गुरु का बहुत आदर-सम्मान किया करता था ।गुरु भी अपने इस शिष्य से बहुत स्नेह करते…
View More ” आज ही क्यों नहीं ? “” संस्कारों पर गर्व “
बेटा अब खुद कमाने वाला हो गया था … इसलिए बात-बात पर अपनी माँ से झगड़ पड़ता था ये वही माँ थी जो बेटे के…
View More ” संस्कारों पर गर्व “” परमात्मा परम दयालु है “
एक राजा का एक विशाल फल-उद्यान था, जिसमें अनेक प्रकार के फल लगे रहते थे। उस बगीचे की देखभाल एक किसान अपने परिवार सहित करता…
View More ” परमात्मा परम दयालु है “