राज्यपाल महोदया के अभिभाषण का विरोध, निंदनीय : श्री केशव प्रसाद मौर्य

 

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के माननीय उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि आज विधानसभा सत्र की शुरूआत मा0 राज्यपाल महोदया जी के अभिभाषण से हुई।

विपक्ष को नसीहत: श्री मौर्य  ने कहा कि सदन लोकतंत्र का मंदिर है, विपक्ष जिस प्रकार से गॉव, ब्लाक, जिलों और सड़कों पर अराजकता फैलाता है आज वही व्यवहार देखने को मिला जिससे सदन की गरिमा धूमिल हुई। एक अनुभवि महिला के रूप में मा0 राज्यपाल महोदया का अभिभाषण न सुनना और विपक्ष का उग्र प्रदर्शन करना निंदनीय है।

श्री मौर्य  ने कहा कि माननीय राज्यपाल महोदया जी का अभिभाषण संवैधानिक परंपराओं के सम्मान का प्रतीक है और राज्य सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों और भविष्य के संकल्पों को समर्पित है। “माननीय राज्यपाल महोदया जी का संबोधन केवल एक भाषण नहीं, बल्कि 25 करोड़ जनता के विश्वास और प्रदेश की खुशहाली का दस्तावेज़ है। हमारी सरकार बिना रुके, बिना थके उत्तर प्रदेश को सर्वोत्तम राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” — श्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश

अभिभाषण के मुख्य बिंदु और उप मुख्यमंत्री  के विचार:
• सशक्त विकास की झलक: श्री केशव प्रसाद मौर्य  ने कहा कि राज्यपाल महोदया ने अपने अभिभाषण में प्रदेश सरकार द्वारा जनहित में चलाई जा रही योजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास (Infrastructure Development) का जो खाका प्रस्तुत किया है, वह यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश आज देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
• गरीब कल्याण सर्वोपरि: उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा से ही “सबका साथ, सबका विकास” रही है। अभिभाषण में अंत्योदय के संकल्प को दोहराया गया है, जिसमें अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित किया गया है।
• कानून व्यवस्था और सुरक्षा: उप मुख्यमंत्री  ने जोर देकर कहा कि प्रदेश में सुदृढ़ कानून व्यवस्था के कारण ही निवेश का माहौल बना है। राज्यपाल महोदया ने सदन को अवगत कराया कि कैसे उत्तर प्रदेश आज सुरक्षित प्रदेश के रूप में अपनी नई पहचान बना चुका है।
• युवा और महिला सशक्तिकरण: अभिभाषण में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों और महिलाओं की सुरक्षा व स्वावलंबन हेतु उठाए गए कदमों की सराहना की गई है।

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