लखनऊ : प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट सर्वसमावेशी दृष्टि, दूरदर्शी सोच और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का सशक्त घोषणापत्र है।
यह भारतीय आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, जिन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प इसमें स्पष्ट रूप से झलकता है।
राज्यपाल जी ने कहा कि करीब 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर आना, राजकोषीय अनुशासन, नियंत्रित घाटा और संतुलित कर्ज-जीडीपी अनुपात इस बात का प्रमाण है कि भारत की विकास यात्रा सुदृढ़ नींव पर आगे बढ़ रही है। यह बजट किसान, युवा, महिला, श्रमिक, छात्र, उद्यमी और उद्योग—सभी के सपनों को समान संवेदनशीलता के साथ संबल प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि कृषि में ‘भारत विस्तार’ जैसे एआई आधारित नवाचार, शिक्षा में छात्राओं के लिए हॉस्टल, खेलो इंडिया के माध्यम से कौशल और रोजगार, आयुष व AVGC सेक्टर का विस्तार, MSME और मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊर्जा, हरित उद्योगों हेतु कार्बन कैप्चर तथा इको-फ्रेंडली ट्रेल्स जैसे प्रावधान विकसित भारत की संकल्पना को धरातल पर उतारने के ठोस कदम हैं।
राज्यपाल जी ने विश्वास व्यक्त किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश, रेल और जलमार्गों का विस्तार, ग्रामीण स्वराज और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल भारत को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त बनाएगी। केंद्रीय बजट 2026-27 सुधारों की गति, आत्मनिर्भरता की शक्ति और समृद्ध भारत के उज्ज्वल भविष्य का पाथेय सिद्ध होगा।
यह भारतीय आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, जिन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का संकल्प इसमें स्पष्ट रूप से झलकता है।
राज्यपाल जी ने कहा कि करीब 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर आना, राजकोषीय अनुशासन, नियंत्रित घाटा और संतुलित कर्ज-जीडीपी अनुपात इस बात का प्रमाण है कि भारत की विकास यात्रा सुदृढ़ नींव पर आगे बढ़ रही है। यह बजट किसान, युवा, महिला, श्रमिक, छात्र, उद्यमी और उद्योग—सभी के सपनों को समान संवेदनशीलता के साथ संबल प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि कृषि में ‘भारत विस्तार’ जैसे एआई आधारित नवाचार, शिक्षा में छात्राओं के लिए हॉस्टल, खेलो इंडिया के माध्यम से कौशल और रोजगार, आयुष व AVGC सेक्टर का विस्तार, MSME और मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊर्जा, हरित उद्योगों हेतु कार्बन कैप्चर तथा इको-फ्रेंडली ट्रेल्स जैसे प्रावधान विकसित भारत की संकल्पना को धरातल पर उतारने के ठोस कदम हैं।
राज्यपाल जी ने विश्वास व्यक्त किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड निवेश, रेल और जलमार्गों का विस्तार, ग्रामीण स्वराज और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल भारत को आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय दृष्टि से सशक्त बनाएगी। केंद्रीय बजट 2026-27 सुधारों की गति, आत्मनिर्भरता की शक्ति और समृद्ध भारत के उज्ज्वल भविष्य का पाथेय सिद्ध होगा।
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