लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही की अध्यक्षता में आज विधान सभा स्थित समिति कक्ष संख्या-80 में प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न उर्वरक उत्पादक संस्थाओं जैसे इफको, कृभको, चम्बल और एनएफएल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि रबी सीजन 2025-26 के लिए किसानों को उनकी आवश्यकतानुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार पूरी तरह कटिबद्ध है और इसके लिए भारत सरकार के निरंतर संपर्क में है।
समीक्षा के दौरान कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि जिन उर्वरक कंपनियों ने जनवरी 2026 के लिए निर्धारित प्रोराटा लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की है, उनके विरुद्ध तत्काल विधिक कार्यवाही करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट (थ्प्त्) दर्ज कराई जाए। प्रदेश में वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 12 से 13 यूरिया रैक प्राप्त हो रही हैं, जिससे आपूर्ति व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है। आंकड़ों के अनुसार, 01 अक्टूबर 2025 से अब तक लगभग 1.02 करोड़ किसानों ने पी.ओ.एस. मशीनों के माध्यम से पारदर्शिता के साथ 50.93 लाख मीट्रिक टन उर्वरक प्राप्त किया है।
प्रदेश में वर्तमान उर्वरक स्थिति अत्यंत संतोषजनक है, जहाँ कुल 7.23 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 4.35 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.69 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है। सहकारिता के क्षेत्र में 2.07 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1.79 लाख मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक है, जबकि निजी बिक्री केंद्रों पर भी 5.16 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 2.56 लाख मीट्रिक टन डीएपी किसानों के लिए उपलब्ध है। वर्तमान में प्रतिदिन किसान औसतन 33,800 मीट्रिक टन यूरिया और 2,528 मीट्रिक टन डीएपी का क्रय कर रहे हैं, जिसके सापेक्ष आपूर्ति की स्थिति निरंतर मजबूत बनी हुई है।
मण्डलवार समीक्षा में यह पाया गया कि बरेली, मुरादाबाद, वाराणसी और गोरखपुर जैसे क्षेत्रों में यूरिया और डीएपी की भारी उपलब्धता है। उदाहरण के तौर पर, बरेली मण्डल में 66,377 मीट्रिक टन यूरिया और कानपुर मण्डल में 42,632 मीट्रिक टन डीएपी का स्टॉक मौजूद है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के समस्त जनपदों में कृषकों की मांग के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में बनी हुई है और वितरण प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इस अवसर पर प्रमख सचिव कृषि श्री रविंद्र प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजय कुमार शुक्ला और सचिव कृषि श्री इन्द्र विक्रम सिंह शामिल थे इसके अतिरिक्त निदेशक कृषि श्री पंकज त्रिपाठी सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में प्रतिभाग किया।
