जलशक्ति मंत्री ने राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं नवाचार पर दिया बल

लखनऊ: प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि राजकीय नलकूपों की सतत क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए, विशेष रूप से रबी एवं खरीफ फसलों के सिंचाई काल में किसी भी प्रकार की बाधा न आने दी जाए। नलकूपों एवं पम्प नहरों के अनुरक्षण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण किया जाए, ताकि आकस्मिक खराबी की स्थिति से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा समयबद्धता एवं नवाचार पर अधिक से अधिक बल दिया जाए। क्षेत्रीय स्तर पर नियमित निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए तथा फील्ड से प्राप्त फीडबैक के आधार पर त्वरित कार्यवाही की जाए। लाभार्थी किसानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि सिंचाई संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।
उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री  स्वतंत्र देव सिंह ने यह निर्देश आज यहाँ उदयगंज स्थित सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के सभागार में सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में प्रदेश में स्थापित राजकीय नलकूपों, लघु डाल नहरों तथा वृहद एवं मध्यम पम्प नहरों के संचालन, अनुरक्षण एवं अनुश्रवण की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान यांत्रिक संगठन के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति पर विभागीय अधिकारियों से गहन चर्चा की गई तथा कार्यों को और अधिक प्रभावी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
समीक्षा के दौरान विभागीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 36,094 राजकीय नलकूप संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 30.06 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता सृजित की गई है। इसके अतिरिक्त प्रदेश में 257 लघु डाल नहरें संचालित हैं, जिनसे लगभग 1.88 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता उपलब्ध हो रही है। साथ ही, प्रदेश में 30 वृहद एवं मध्यम पम्प नहरें कार्यशील हैं, जिनके शीर्ष कार्य यांत्रिक संगठन द्वारा सफलतापूर्वक संपादित किए जा रहे हैं। विगत 08 वर्षों के दौरान प्रदेश के विभिन्न जनपदों में कुल 291 परियोजनाएँ पूर्ण कराई गईं, जिनसे लगभग 7.50 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन/पुनर्स्थापन हुआ है। इन परियोजनाओं से प्रदेश के लगभग 7.44 लाख कृषक परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं। राजकीय नलकूपों एवं लघु डाल नहरों के माध्यम से विगत आठ वर्षों में सिंचित क्षेत्रफल में 5.87 लाख हेक्टेयर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मा० श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं उत्तर प्रदेश के कर्मठ मुख्यमंत्री मा० योगी आदित्यनाथ जी के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को साकार करने की दिशा में सिंचाई विभाग के यांत्रिक संगठन के अभियंताओं ने विगत वर्षों में विशिष्ट एवं सराहनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इन प्रयासों से न केवल प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
बैठक के अंत में जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में गुणवत्ता, समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सके और प्रदेश की कृषि व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
समीक्षा बैठक में जलशक्ति राज्य मंत्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग  अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग  संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन  अशोक कुमार सिंह, एमडी यूपीपीसीएल संतोष कुमार सिंह एवं सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता सहित सिंचाई विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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