खजुराहो, मध्य प्रदेश परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने 18 जनवरी 2026 के सतसंग में कहा कि तीन दिन की अखण्ड जयगुरुदेव नामध्वनि कराई जाएगी जो 24 जनवरी को सुबह 9 बजे से शुरू की जाएगी। वह एक ही साथ सब जगह शुरू होगी, एक ही साथ सब जगह चलेगी और समापन भी एक समय ही सब जगह हो जाएगा।
इस जयगुरुदेव नामध्वनि से अन्दर की गंदगी साफ होगी, मैल साफ होगा। इसमें आप सबको बुला सकते हो। मांसाहारी, शराबी होगा तो नामध्वनि बोलने से उसकी भी अन्दर की सफाई होगी। वक्त के नाम में बड़ी ताकत होती है। जैसे त्रेता में जब राम भगवान, रावण को मारने के लिए लंका में चढ़ाई करने वाले थे तब बंदर और भालुओं ने उस वक्त का नाम राम-राम बोल-बोल करके, पत्थर के ऊपर राम-राम लिखकर के समुद्र में डाल दिया था। तो आप समझो कि इस समय जयगुरुदेव नाम में बड़ी ताकत है।
आंख बंद करके नामध्वनि बोलनी है
यह नामध्वनि ज्यादा से ज्यादा जगहों पर चलेगी और ये जो तकलीफें आपकी बनी रहती हैं, किसी के सिर में दर्द, किसी के पेट में दर्द, कहीं लड़ाई-झगड़ा कुछ-कुछ हो गया, किसी के बच्चे उनका कहना नहीं मानते हैं, तो कहीं किसी के सिर पर काल सवार हो जा रहा है। तो ऐसे लोग अपने-अपने घरों में अखण्ड नामध्वनि सब लोग चलाओ और फिर देखो फायदा होता है कि नहीं होता है।
नामध्वनि की शिविर जहां लगेगी वहां पर जब भी बोलें, जितने भी लोग बोलें, आंख बंद करके बोलेंगे और गुरु का नाम है ये; बीच में ‘गुरु’ है, ‘जय’ माने ‘जयमान’ जो हमेशा रहे और ‘देव’ माने देने वाला। तो गुरु को याद किया जाएगा। तो याद करते रहेंगे, जब बोलते रहेंगे और गुरु जब देखेंगे तो लीन कर लेंगे अपने में, इसलिए आंख बंद करके नामध्वनि बोलनी है।
