खजुराहो, मध्य प्रदेश परम् सन्त बाबा उमाकान्त जी महाराज ने जनवरी के सतसंग में कहा कि ‘जयगुरुदेव’ नाम में इस समय पर शक्ति है, यह लोगों की रक्षा करता है। बहुत से लोगों ने इस नाम की परीक्षा लेकर के आजमाइश किया। जब सुबह-शाम जयगुरुदेव नाम की ध्वनि लोग बोलने लगे तब उनके घर से बीमारियां निकल गईं, लड़ाई-झगड़ा कम हो गया, रुपया-पैसा में बरकत होने लगी।
24 से 27 जनवरी 2026 तक जगह-जगह अखण्ड नामध्वनि चलेगी। यह सब जगह एक ही समय पर शुरू होगा और एक ही समय पर समाप्त होगा। उसमें सब को बैठना है और लोगों को बिठाना है।
कहीं शिवजी का तांडव शुरू ना हो जाए?
बाबाजी ने आगे फरमाया कि नामध्वनि कार्यक्रम के बाद में दस दिन की साधना शिविर लगेगी। उसमें सभी नामदानी साधना करेंगे। यह साधना शिविर उज्जैन से शुरू की जाएगी और इसकी तारीख आगे दी जाएगी। हम तो यह सोच रहे हैं कि यह शिविर शिवरात्रि के पहले-पहले ही खत्म हो जाए, क्योंकि हो सकता है कि शिवजी ना खुश हो पावें और उनका तांडव शुरू हो जाए और
“आगे का समय विनाशकारी, बचे वही जो नाम आधारी”
वही लोग बच पावें जो नाम को पकड़ लें। वही लोग बच पावें जो साधना करके नाम को पकड़ लें, वही बच पावें जो नामी हों, नामी के पास आते-जाते हों; जिनके अंदर ताकत यानि आत्मबल आ जाए ताकि वे अन्य लोगों को भी बचा सकें। तो अगर ज्यादा से ज्यादा नामदानी उस शिविर में बैठ जाएंगे और साधना करके अपने अंदर आंतरिक शक्ति ले आएंगे तो वे कम से कम अपने परिवार को तो बचा लेंगे।
उन लोगों की दृष्टि जहां तक पड़ेगी वहां तक लोगों की जान बच जाएगी। तो हमारा निशाना तो लोगों की जान बचाने का है। इसीलिए जितना जल्दी हो सकेगा इसमें बैठना है और लोगों को बिठाना है।

