लकड़ी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़कों पर दौड़ते रहे, विभाग बना रहा मूकदर्शक
संवाददाता हमीरपुर/सरीला। हमीरपुर जिले के सरीला क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में वनों का अवैध कटान लगातार जारी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की मिलीभगत से लकड़ी माफिया खुलेआम जंगलों पर आरी चला रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर अंजान बने हुए हैं। हालात ऐसे हैं कि कभी हरे-भरे रहे जंगल अब उजड़ते नजर आ रहे हैं।
सरीला क्षेत्र के बसरिया, जिटकरी , बैंदा, खंडौत, डांडा मौजा, भेड़ी आदि गांवों में कई स्थानों पर जंगल के जंगल साफ कर दिए गए है, जिससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। मंगलवार को बरगवां नहर बाई पास से गुजर रहे लकड़ी से भरे ट्रैक्टर ट्राली सड़क पर फर्राटे भर रहे थे। वहीं बसरिया गांव में किसानों ने बताया कि माफियाओं ने आस पास जंगल ही समाप्त कर दिए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, आए दिन लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरीला क्षेत्र की सड़कों से होकर गुजरती हैं, लेकिन न तो वन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई होती है और न ही इन पर रोक लगाई जा रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध कटान बिना किसी भय के किया जा रहा है।
विडंबना यह है कि एक ओर सरकार हर साल लाखों रुपये खर्च कर पौधरोपण कराती है, वहीं दूसरी ओर इन्हीं जंगलों को माफियाओं द्वारा साफ कर दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद वन विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित है। मौके पर न जांच होती है और न ही दोषियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाते हैं। इससे माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वन कटान की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व लकड़ी माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में जंगलों को बचाया जा सके और पर्यावरण संतुलन कायम रह सके।
इस संबंध में जब प्रभागीय वनाधिकारी हमीरपुर अनिल कुमार श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने बताया कि बबूल, यूकेलिप्टस, सीरस आदि प्रजातियों की लकड़ी, पेड़ को काटने की छूट है। परन्तु बसरिया गांव में काटे गए जंगल और ग्रामीणों के आरोपों पर उन्होंने कहा कि जांच करवाकर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
