सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूरा करने के लिए मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

लखनऊः मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और फोटोग्राफ्स और पाई चार्ट के माध्यम से परियोजना की भौतिक प्रगति को देखा।
मुख्य सचिव ने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए, ताकि प्रदेश में आधारभूत संरचना का तेजी से विकास हो तथा जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों।
उन्होंने पीएम मित्रा पार्क-लखनऊ परियोजना के दूसरे चरण में रैथा अंडरपास से पार्क तक प्रस्तावित 14.28 किलोमीटर सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत आपूर्ति और जलापूर्ति संबंधी कार्यों को भी तत्काल आरंभ कराने को कहा। उन्होंने आवास विकास विभाग को पार्क के चालू होने पर बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए पार्क के निकट आवास योजना तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न जनपदों में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल एवं श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण में प्रगति लाने पर विशेष बल दिया।
बैठक में बताया गया कि परियोजना के प्रथम चरण में आईआईएम लखनऊ से रैथा अंडरपास तक 8.40 किलोमीटर सड़क के दो लेन चौड़ीकरण का कार्य 77 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और शेष कार्य 25 मार्च, 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। बाउंड्री वॉल, गेट कॉम्प्लेक्स तथा ऑफिस बिल्डिंग के नवीनीकरण का कार्य प्रगति पर है तथा इनकी संभावित पूर्णता तिथि 31 मार्च, 2026  है।
मुख्य सचिव ने जनपद श्रावस्ती में बौद्ध विहारों तथा जनपद आगरा में बटेश्वर धाम के समेकित पर्यटन विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विकास कार्यों को निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने पर बल दिया। वर्तमान में श्रावस्ती में इंटीग्रेटेड बुद्धिस्ट टूरिज्म डेवलपमेंट की भौतिक प्रगति 43 प्रतिशत तथा आगरा में बटेश्वर पर्यटन विकास की प्रगति 18 प्रतिशत है।
श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण में लखनऊ के अमराई गांव, अमौसी तथा कल्ली पश्चिम में तथा गौतमबुद्ध नगर के नोएडा एक्सटेंशन और उद्योग विहार में विभिन्न चरणों के कार्य जैसे बाउंड्री वॉल, फाउंडेशन, कॉलम कास्टिंग तथा प्लिंथ स्तर के कार्य प्रगति पर हैं।
आगरा मेट्रो रेल परियोजना की समीक्षा में बताया गया कि भारत में 23 महीनों में 6 किलोमीटर भूमिगत मेट्रो का सबसे तेज निर्माण और कमीशनिंग हुआ है, जिसमें 11 महीनों में जुड़वां सुरंग का निर्माण शामिल है। वर्तमान भौतिक प्रगति 65 प्रतिशत है। कॉरिडोर-1 के शेष कार्य 30 जून 2026 तक, कॉरिडोर-2 के प्राथमिकता खंड का कार्य दिसंबर 2026 तक तथा शेष कार्य जून 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। भूमिगत भाग के चार स्टेशनों का संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ट्रेन टेस्टिंग दिसंबर 2025 से शुरू हो चुकी है। एलिवेटेड भाग के तीन स्टेशनों का निर्माण 95 प्रतिशत पूर्ण है तथा ट्रेन टेस्टिंग जनवरी से मई 2026 के बीच प्रस्तावित है। कॉरिडोर-2 के 14 एलिवेटेड स्टेशनों तथा वायाडक्ट के कार्य तीव्र गति से चल रहे हैं।
कानपुर मेट्रो रेल परियोजना में कॉरिडोर-1 (कानपुर सेंट्रल से ट्रांसपोर्ट नगर) के भूमिगत तथा एलिवेटेड भागों के संरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा फिनिशिंग कार्य प्रगति पर है। कॉरिडोर-2 (सीएसए यूनिवर्सिटी से बर्रा-8) के भूमिगत तथा एलिवेटेड भागों के संरचनात्मक कार्य चल रहे हैं। कॉरिडोर-2 के डिपो-2 में तीसरी मेट्रो ट्रेन सेट पहुंच चुकी है।
बैठक में सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे।
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