वक़्त चलता जाता है ,
धीरे धीरे जिंदगी में
सब बदलता जाता है ,
ले आता है ग़म कभी…
कभी जिंदगी को
खुशियों से भर जाता है ,
छीन लेता है कुछ लोगों को हमसे ….
कुछ लोगों को हमारा कर जाता है ,
कौन अपना है , कौन पराया
चेहरा सबका दिखा जाता है ,
ये वक़्त है , हमें धीरे– धीरे
सब कुछ सिखा जाता है !!
( संकलित )
——- राम कुमार दीक्षित , पत्रकार !
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