समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के वृद्धाश्रमों के कुशल संचालन हेतु चयनित संस्थाओं के लिए प्रकाशित आरएफपी पर विचार-विमर्श हेतु प्री-बिड मीटिंग-2025 का आयोजन मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने की। उन्होंने कहा कि मा. मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूपा विशेषज्ञता और ईमानदारी के साथ हमें अपने काम को करना है।
संस्थाओं ने दिए उपयोगी सुझाव
बैठक में विभागीय अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधियों ने वृद्धाश्रम संचालन से संबंधित दिशा-निर्देशों, आवश्यक मानकों और अपेक्षाओं पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधियों ने स्थानीय संस्थाओं को प्राथमिकता देने, काउंसलर का पद सृजित करने, अनुभव के आधार पर मानदंडों में लचीलापन देने, तहसील स्तर पर वृद्धाश्रम खोलने और निजी अनुभवों को मूल्यांकन में शामिल करने जैसे कई सुझाव दिए।
वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा सर्वाेपरि
राज्यमंत्री असीम अरुण ने कहा कि सरकार वरिष्ठ नागरिकों की गरिमा और सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण संस्थाओं के साथ साझेदारी करेगा और उनके सुझाव पर अमल करेगा ताकि वृद्धाश्रम स्नेह, सुरक्षा और सम्मान के केंद्र बन सकें। गौरतलब है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश भर के 75 जिलों में 150 क्षमता वाले वृद्धाश्रम संचालित हैं। मीटिंग में निदेशक कुमार प्रशांत, उप निदेशक आर पी सिंह, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।
