“ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा “

ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा अंधेरों के अन्दर उतर जाऊँगा !   गिरी पत्तियाँ सारी सुखी हुई नये मौसमों में बिखर जाऊँगा !   अगर…

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” दूसरों के घर में खुशियाँ बाँटिये “

एक नगर में तीन मित्र रहते थे। तीनों के जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन एक व्यक्ति की कही गई बातों ने…

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