कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा कोई असामान्य कार्य भी नहीं है, फिर भी सिर के *बालों से*…
View More ” हे परमात्मा “Month: October 2026
” हे परमात्मा “
कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा कोई असामान्य कार्य भी नहीं है, फिर भी सिर के *बालों से*…
View More ” हे परमात्मा ““ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा “
ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा अंधेरों के अन्दर उतर जाऊँगा ! गिरी पत्तियाँ सारी सुखी हुई नये मौसमों में बिखर जाऊँगा ! अगर…
View More “ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा “” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “
” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “ भूल गया है तू अपना पथ , और नहीं पंखों में भी गति , किन्तु लौटना पीछे…
View More ” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “” कौन तुम वीणा बजाते ? “
” कौन तुम वीणा बजाते हो ? “ कौन तुम वीणा बजाते ? कौन उर की तंत्रियों पर तुम अनश्वर गान गाते … सुन रहा…
View More ” कौन तुम वीणा बजाते ? “” दूसरों के घर में खुशियाँ बाँटिये “
एक नगर में तीन मित्र रहते थे। तीनों के जीवन में सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन एक व्यक्ति की कही गई बातों ने…
View More ” दूसरों के घर में खुशियाँ बाँटिये ““आम का पेड़ “
बहुत समय पहले की बात है। कुंतलपुर नामक राज्य में एक न्यायप्रिय और दयालु राजा शासन करता था। वह अपनी प्रजा के सुख-दुःख का ध्यान…
View More “आम का पेड़ “” अपना लो इस बार “
मेरे नाथ, मुझे अपना लो अपना लो इस बार ! अबकी मत लौटो , बस जाओ , उर पर कर अधिकार ! बिना तुम्हारे बीते…
View More ” अपना लो इस बार “” ज़िंदगी “
1. कुछ इस तरह से गुजारी है ज़िंदगी जैसे, तमाम उम्र किसी दूसरे के घर में रहा ! 2. जहाँ – जहाँ की ठोकरें लिखी…
View More ” ज़िंदगी “” सबसे बड़ी शक्ति आशा “
बहुत समय पहले की बात है। एक गाँव में चार वृद्ध महिलाएँ रहती थीं। एक दिन उनके बीच इस बात को लेकर विवाद हो गया…
View More ” सबसे बड़ी शक्ति आशा “