” कर्म ही असली भाग्य “

एक बार एक प्रतापी राजा ने अपने राज्य के सभी प्रसिद्ध विद्वान ज्योतिषियों की सभा बुलवाई। सभा में पहुँचते ही राजा ने एक गंभीर प्रश्न…

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