पितामह रणभूमि में शरशैया पर पड़े थे। हल्का सा भी हिलते तो शरीर में घुसे बाण भारी वेदना के साथ रक्त की पिचकारी सी छोड़…
View More ” अनजाने पाप का परिणाम “Category: Uncategorized
” सच्चा प्रेम “
एक बार एक पुत्र अपने पिता से रूठ कर घर छोड़ कर दूर चला गया और फिर इधर उधर यूँही भटकता रहा। दिन बीते, महीने…
View More ” सच्चा प्रेम “” बाँस का पेड़ “
एक संत अपने शिष्य के साथ जंगल में जा रहे थे। ढलान पर से गुजरते वक्त अचानक शिष्य का पैर फिसला और वह तेजी से…
View More ” बाँस का पेड़ “” क्रोध का दुष्परिणाम “
एक बार एक राजा घने जंगल में भटक जाता है जहाँ उसको बहुत ही प्यास लगती है। इधर उधर हर जगह तलाश करने पर भी…
View More ” क्रोध का दुष्परिणाम “” पेड़ का इनकार “
एक बड़ी सी नदी के किनारे कुछ पेड़ थे जिसकी टहनियां नदी के धारा के ऊपर तक भी फैली हुई थीं। एक दिन एक चिड़ियों…
View More ” पेड़ का इनकार “” सच्चा सुख “
शहर की बहुत बड़ी दुकान थी, जिसके ब्रेड पकौड़े और समोसे बड़े मशहूर थे। मैं पहले भी उनके स्वाद के बारे में सुन चुका था,…
View More ” सच्चा सुख “” ईमानदार प्लंबर “
रसोई में नल से पानी रिस रहा था, तो मैंने एक प्लंबर को बुला लिया। मैं उसको काम करते देख रहा था। उसने अपने थैले…
View More ” ईमानदार प्लंबर “” दीया की उडान “
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर यह कहानी उस दीये की है जो आँधियों के बीच भी जलना जानता था—एक छोटे से गाँव में जन्मी…
View More ” दीया की उडान “” ईमानदारी और परमात्मा का बहीखाता “
चौबे जी पुलिस विभाग में कार्यरत एक ऐसे सज्जन थे, जिनकी पहचान उनकी सच्चाई, स्पष्टवादिता और ईमानदारी से होती थी। वे जब भी हमारी दुकान…
View More ” ईमानदारी और परमात्मा का बहीखाता “” संयम का महत्व “
कहने को तो संयम बहुत ही छोटा सा शब्द है पर समझने को बहुत ही बड़ा है आज में आपको एक छोटी की घटना का…
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