जो चल गई, सो चल गई , जो टल गई , सो टल गई ! किसने रखी है, उम्र बांधकर , जो ढल गई ,…
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” रिश्तों का साथ “
एक दिन रमेश अपनी पत्नी के साथ घर की छत पर गया। उसकी पत्नी ने छत पर अनेक गमलों में छोटे-छोटे पौधे लगा रखे थे।…
View More ” रिश्तों का साथ “” दूसरे के मन का कूड़ा अपने मन में मत भरिये “
एक दिन एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन जाने के लिए ऑटो में बैठा। सुबह का समय था। सड़क पर अधिक भीड़ नहीं थी। ऑटो चालक बहुत…
View More ” दूसरे के मन का कूड़ा अपने मन में मत भरिये “” चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया “
चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया , वो गैर था उसे अपना बना के छोड़ दिया ! हज़ार चेहरे हैं मौजूद आदमी गायब…
View More ” चराग़ ख़ुद ही बुझाया बुझा के छोड़ दिया “” हम हैं बहता पानी बाबा “
” हम हैं बहता पानी बाबा “ मिलती जुलती बातें अपनी, मसला एक रूहानी बाबा, तुम हो रमता जोगी साधू, हम हैं बहता पानी बाबा…
View More ” हम हैं बहता पानी बाबा “” हे परमात्मा “
कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा कोई असामान्य कार्य भी नहीं है, फिर भी सिर के *बालों से*…
View More ” हे परमात्मा “” हे परमात्मा “
कोई भी आवेदन नहीं किया था, किसी की भी सिफारिश नहीं थी, ऐसा कोई असामान्य कार्य भी नहीं है, फिर भी सिर के *बालों से*…
View More ” हे परमात्मा ““ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा “
ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा अंधेरों के अन्दर उतर जाऊँगा ! गिरी पत्तियाँ सारी सुखी हुई नये मौसमों में बिखर जाऊँगा ! अगर…
View More “ज़मी छोड़कर मैं किधर जाऊँगा “” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “
” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “ भूल गया है तू अपना पथ , और नहीं पंखों में भी गति , किन्तु लौटना पीछे…
View More ” खग ! उड़ते रहना जीवन भर “” कौन तुम वीणा बजाते ? “
” कौन तुम वीणा बजाते हो ? “ कौन तुम वीणा बजाते ? कौन उर की तंत्रियों पर तुम अनश्वर गान गाते … सुन रहा…
View More ” कौन तुम वीणा बजाते ? “