मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सहकारिता आपसी विश्वास, सामाजिक समता और आत्मनिर्भरता की गारण्टी है। सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत की संकल्पना को साकार करना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने सहकारिता के सुदृढ़ीकरण की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। युवा सहकारिता आन्दोलन के भविष्य के शिल्पी हैं। युवाओं को इस दिशा में स्वयं को तैयार करना होगा। यह सहकार सम्मेलन प्रदेश की समृद्धि और सामूहिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘युवा सहकार सम्मेलन-2025’ एवं ‘यू0पी0 कोऑपरेटिव एक्सपो’ का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न महानुभावों को सम्मानित किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक व प्रमाण पत्र आदि प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी ने सहकारिता विभाग की पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सहभागिता के माध्यम से समृद्धि का नया सोपान स्थापित करने के लिए केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था। अमित शाह इस मंत्रालय के पहले मंत्री के रूप में भारत के सहकारिता आंदोलन को नई ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 का लक्ष्य प्रधानमंत्री जी के सहकार से समृद्धि विजन के माध्यम से वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं, जिनकी संख्या लगभग 08 लाख 44 हजार है। इन समितियों में 30 करोड़ से अधिक सदस्य सामूहिक शक्ति के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 11 वर्षों में हमने बदलते हुए भारत को देखा है। तकनीक का उपयोग करते हुए हम अपने जीवन को कैसे सरल कर सकते हैं तथा भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दे सकते हैं, सहकारिता क्षेत्र में भी इसका उदाहरण प्रस्तुत करते हुए डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्रवाई आगे बढ़ी है। एम0 पैक्स के माध्यम से सदस्यता विस्तार तथा सहकारी बैंकों के आधुनिकीकरण ने सहकारिता आन्दोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की है। सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर प्रदेश में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्यक्रम सम्पन्न हुए हैं। 26 जनवरी, 2025 को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर कोऑपरेशन’ में इस फील्ड से जुड़े हजारों लोगों ने सहभागिता की। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा 21 मार्च, 2025 को अपनी वार्षिक सामान्य निकाय का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बैंक के स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का लाभांश ऑनलाइन वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा 06 जुलाई, 2025 को केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय का चौथा स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में 266 ड्रोन दीदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 12 सितम्बर से 30 नवम्बर, 2025 तक एम0 पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025 संचालित किया गया। इस अभियान में 24 लाख नये सदस्य बनाये गये। जिनके माध्यम से 43 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ। इससे पूर्व सितम्बर, 2023 में प्रदेश में पहली बार आयोजित एम0 पैक्स सदस्यता अभियान में 30 लाख नये सदस्य बने थे तथा 70 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में 02 लाख से अधिक बैंक अकाउण्ट और 550 करोड़ रुपये का डिपॉजिट है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की स्थिति खराब थी। 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो चुके थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब प्रदेश के कोऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर व बीमार नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहकर अपने सदस्यों व किसान की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 6,760 एम0 पैक्स को उर्वरक व्यवसाय हेतु 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण सीमा स्वीकृत की गयी है। इससे उर्वरक की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार द्वारा इस ऋण सीमा को आने वाले समय में 15 लाख रुपये किये जाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड वितरित होता है, इसमें से कम से कम आधा कोऑपरेटिव से जुड़े एम0 पैक्स तथा साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0 पैक्स में मैनपॉवर सुदृढ़ करने से अन्नदाता किसान इनसे जुड़ेगा तथा एम0 पैक्स की सदस्य संख्या में वृद्धि होगी। किसानों के विश्वास का अर्जन लाभांश वृद्धि में सहायक होगा। एम0 पैक्स द्वारा 06 हजार 400 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया। इसके माध्यम से उन्हें 191 करोड़ रुपये का विशुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ। प्रदेश में 161 एम0 पैक्स पर जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही हैं। इन जन औषधि केन्द्रां द्वारा 01 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया गया है।
इसके साथ ही हमें प्रदेश में भण्डारण ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के कोऑपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। भारत सरकार की योजनान्तर्गत विश्व के सबसे बड़े अन्न भण्डारण केन्द्र के रूप में कोटवापाण्डेय एम0 पैक्स में 1500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम बनाया गया है। वर्ष 2025-26 में 24 नये एम0 पैक्स में गोदामों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित सौर ऊर्जा योजना के अन्तर्गत अब तक 502 एम0 पैक्स में सोलर रूफटॉप विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है। सहकारी समितियों के पुराने एवं जर्जर गोदामों की मरम्मत के लिए प्रत्येक एम0 पैक्स को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की गयी। अब तक 70 करोड़ रुपये से 980 एम0 पैक्स का सुदृढ़ीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में 30 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिये जाने का लक्ष्य है। एम0 पैक्स के उन्नयन के लिए 800 से अधिक नवगठित एम0 पैक्स को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अन्तर्गत 01 लाख रुपये के मार्जिन मनी के साथ-साथ 01 लाख रुपये की आधारभूत संरचनाएँ-जैसे पीने का पानी, टॉयलेट, फार्मर शेड, कम्प्यूटर, रैक, अलमारी इत्यादि उपलब्ध करायी जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लि0 बैंक को नाबार्ड से ’ए’ श्रेणी की रेटिंग प्राप्त हुई है, जो उसकी सुदृढ़ वित्तीय स्थिति एवं कुशल प्रबन्धन को दर्शाती है। प्रदेश में बैंक की 40 शाखाएं संचालित हैं। प्रदेश के 50 में से 49 जिला सहकारी बैंक लाभ पर कार्यरत हैं। जिला सहकारी बैंकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 162.02 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कोऑपरेटिव बैंक’ की परिकल्पना साकार करने की दिशा में कार्यवाही प्रारम्भ की है। जनपद बलरामपुर में नये जिला कोऑपरेटिव बैंक के गठन की कार्यवाही आगे बढ़ चुकी है। यह आज की आवश्यकता है और इस दिशा में प्रदेश सरकार ने तेजी के साथ कदम बढ़ाए हैं। यह हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्तीय समावेशन द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने तथा स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार की नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। पहले जिन 16 कोऑपरेटिव बैंक के लाइसेन्स जब्त हो गये थे, इन बैंकों से किसानों की 4,700 करोड़ रुपये जमा धनराशि उन्हें पुनः वापस करायी गयी। यह सभी बैंक फिर से अपना काम सुचारु रूप से कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभु का मार्गदर्शन युवाओं को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने नदी जोड़ो अभियान के लिए गठित कमेटी की अध्यक्षता की थी। उन्हीं की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा सहकारिता के लिए जो ड्राफ्ट तैयार हुआ है। यहां प्रदेश भर से आये युवाओं को उनसे सहकारिता की बारीकियां समझने की आवश्यकता है कि हम कैसे सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंकों का वर्तमान में रेट ऑफ इंटरेस्ट लगभग 11.5 प्रतिशत है। किसानों को इन बैंकों से ऋण प्राप्त करने पर बहुत अधिक ब्याज देना होता है। अब हम लोग इसको कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में लघु और सीमान्त किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंकों के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अन्तर्गत 06 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें राज्य सरकार अपना योगदान देगी।
कार्यक्रम को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु तथा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे0पी0एस0 राठौर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री जी आज यहां ‘युवा सहकार सम्मेलन-2025’ एवं ‘यू0पी0 कोऑपरेटिव एक्सपो’ का शुभारम्भ करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने सहकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभिन्न महानुभावों को सम्मानित किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक व प्रमाण पत्र आदि प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी ने सहकारिता विभाग की पुस्तक का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की सहभागिता के माध्यम से समृद्धि का नया सोपान स्थापित करने के लिए केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया था। अमित शाह इस मंत्रालय के पहले मंत्री के रूप में भारत के सहकारिता आंदोलन को नई ऊँचाई प्रदान कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ ने वर्ष 2025 को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया है। राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 का लक्ष्य प्रधानमंत्री जी के सहकार से समृद्धि विजन के माध्यम से वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। दुनिया की एक चौथाई सहकारी समितियां भारत में हैं, जिनकी संख्या लगभग 08 लाख 44 हजार है। इन समितियों में 30 करोड़ से अधिक सदस्य सामूहिक शक्ति के रूप में अपना योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 11 वर्षों में हमने बदलते हुए भारत को देखा है। तकनीक का उपयोग करते हुए हम अपने जीवन को कैसे सरल कर सकते हैं तथा भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था दे सकते हैं, सहकारिता क्षेत्र में भी इसका उदाहरण प्रस्तुत करते हुए डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कार्रवाई आगे बढ़ी है। एम0 पैक्स के माध्यम से सदस्यता विस्तार तथा सहकारी बैंकों के आधुनिकीकरण ने सहकारिता आन्दोलन को और अधिक मजबूती प्रदान की है। सहकारिता वर्ष 2025 के अवसर पर प्रदेश में पहली बार बड़े पैमाने पर कार्यक्रम सम्पन्न हुए हैं। 26 जनवरी, 2025 को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर कोऑपरेशन’ में इस फील्ड से जुड़े हजारों लोगों ने सहभागिता की। उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड द्वारा 21 मार्च, 2025 को अपनी वार्षिक सामान्य निकाय का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बैंक के स्टेक होल्डर्स को 76 करोड़ रुपये का लाभांश ऑनलाइन वितरित किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा 06 जुलाई, 2025 को केन्द्रीय सहकारिता मंत्रालय का चौथा स्थापना दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में 266 ड्रोन दीदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। 12 सितम्बर से 30 नवम्बर, 2025 तक एम0 पैक्स सदस्यता महाअभियान-2025 संचालित किया गया। इस अभियान में 24 लाख नये सदस्य बनाये गये। जिनके माध्यम से 43 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ। इससे पूर्व सितम्बर, 2023 में प्रदेश में पहली बार आयोजित एम0 पैक्स सदस्यता अभियान में 30 लाख नये सदस्य बने थे तथा 70 करोड़ रुपये का शेयर कैपिटल प्राप्त हुआ था। आज जिला सहकारी बैंकों में 02 लाख से अधिक बैंक अकाउण्ट और 550 करोड़ रुपये का डिपॉजिट है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव बैंक की स्थिति खराब थी। 16 बैंक डिफॉल्टर घोषित हो चुके थे। रिजर्व बैंक ने उनके लाइसेंस जब्त कर लिए थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब प्रदेश के कोऑपरेटिव बैंक डिफॉल्टर व बीमार नहीं है, बल्कि स्वस्थ रहकर अपने सदस्यों व किसान की समृद्धि में योगदान दे रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा 6,760 एम0 पैक्स को उर्वरक व्यवसाय हेतु 10 लाख रुपये ब्याज मुक्त ऋण सीमा स्वीकृत की गयी है। इससे उर्वरक की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार द्वारा इस ऋण सीमा को आने वाले समय में 15 लाख रुपये किये जाने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। हम लोगों ने प्रयास किया है कि प्रदेश में जितना फर्टिलाइजर, केमिकल और पेस्टिसाइड वितरित होता है, इसमें से कम से कम आधा कोऑपरेटिव से जुड़े एम0 पैक्स तथा साधन सहकारी समितियों के माध्यम से वितरित हो।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एम0 पैक्स में मैनपॉवर सुदृढ़ करने से अन्नदाता किसान इनसे जुड़ेगा तथा एम0 पैक्स की सदस्य संख्या में वृद्धि होगी। किसानों के विश्वास का अर्जन लाभांश वृद्धि में सहायक होगा। एम0 पैक्स द्वारा 06 हजार 400 करोड़ रुपये का व्यवसाय किया गया। इसके माध्यम से उन्हें 191 करोड़ रुपये का विशुद्ध मुनाफा प्राप्त हुआ। प्रदेश में 161 एम0 पैक्स पर जन औषधि केन्द्रों के माध्यम से सस्ती जेनरिक दवाइयां उपलब्ध करायी जा रही हैं। इन जन औषधि केन्द्रां द्वारा 01 करोड़ 86 लाख रुपये से अधिक का व्यवसाय किया गया है।
इसके साथ ही हमें प्रदेश में भण्डारण ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर के कोऑपरेटिव क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है। भारत सरकार की योजनान्तर्गत विश्व के सबसे बड़े अन्न भण्डारण केन्द्र के रूप में कोटवापाण्डेय एम0 पैक्स में 1500 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम बनाया गया है। वर्ष 2025-26 में 24 नये एम0 पैक्स में गोदामों का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित सौर ऊर्जा योजना के अन्तर्गत अब तक 502 एम0 पैक्स में सोलर रूफटॉप विद्युतीकरण का कार्य पूर्ण किया गया है। सहकारी समितियों के पुराने एवं जर्जर गोदामों की मरम्मत के लिए प्रत्येक एम0 पैक्स को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की गयी। अब तक 70 करोड़ रुपये से 980 एम0 पैक्स का सुदृढ़ीकरण किया जा चुका है। वर्ष 2025-26 में 30 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दिये जाने का लक्ष्य है। एम0 पैक्स के उन्नयन के लिए 800 से अधिक नवगठित एम0 पैक्स को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अन्तर्गत 01 लाख रुपये के मार्जिन मनी के साथ-साथ 01 लाख रुपये की आधारभूत संरचनाएँ-जैसे पीने का पानी, टॉयलेट, फार्मर शेड, कम्प्यूटर, रैक, अलमारी इत्यादि उपलब्ध करायी जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लि0 बैंक को नाबार्ड से ’ए’ श्रेणी की रेटिंग प्राप्त हुई है, जो उसकी सुदृढ़ वित्तीय स्थिति एवं कुशल प्रबन्धन को दर्शाती है। प्रदेश में बैंक की 40 शाखाएं संचालित हैं। प्रदेश के 50 में से 49 जिला सहकारी बैंक लाभ पर कार्यरत हैं। जिला सहकारी बैंकों द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 162.02 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन कोऑपरेटिव बैंक’ की परिकल्पना साकार करने की दिशा में कार्यवाही प्रारम्भ की है। जनपद बलरामपुर में नये जिला कोऑपरेटिव बैंक के गठन की कार्यवाही आगे बढ़ चुकी है। यह आज की आवश्यकता है और इस दिशा में प्रदेश सरकार ने तेजी के साथ कदम बढ़ाए हैं। यह हमारे लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्तीय समावेशन द्वारा केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को प्रभावी रूप से क्रियान्वित करने तथा स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए रोजगार की नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। पहले जिन 16 कोऑपरेटिव बैंक के लाइसेन्स जब्त हो गये थे, इन बैंकों से किसानों की 4,700 करोड़ रुपये जमा धनराशि उन्हें पुनः वापस करायी गयी। यह सभी बैंक फिर से अपना काम सुचारु रूप से कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री सुरेश प्रभु का मार्गदर्शन युवाओं को प्राप्त हो रहा है। उन्होंने नदी जोड़ो अभियान के लिए गठित कमेटी की अध्यक्षता की थी। उन्हीं की अध्यक्षता में गठित कमेटी द्वारा सहकारिता के लिए जो ड्राफ्ट तैयार हुआ है। यहां प्रदेश भर से आये युवाओं को उनसे सहकारिता की बारीकियां समझने की आवश्यकता है कि हम कैसे सहकारिता के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना को साकार कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंकों का वर्तमान में रेट ऑफ इंटरेस्ट लगभग 11.5 प्रतिशत है। किसानों को इन बैंकों से ऋण प्राप्त करने पर बहुत अधिक ब्याज देना होता है। अब हम लोग इसको कम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में लघु और सीमान्त किसानों को उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंकों के माध्यम से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के अन्तर्गत 06 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें राज्य सरकार अपना योगदान देगी।
कार्यक्रम को पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुरेश प्रभु तथा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे0पी0एस0 राठौर ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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