” मन की नीयत परमात्मा से नहीं छिपती “

सतयुग का समय था। चारों ओर धर्म, सत्य और करुणा का साम्राज्य था। घने जंगलों के बीच बसे एक छोटे से आश्रम में एक वृद्ध…

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