पिछली रात बड़ी बेचैनी से कटी….बमुश्किल सुबह एक रोटी खाकर घर से अपनी दुकान के लिए निकला….. आज किसी के पेट पर पहली बार लात…
View More ” निवाला “Category: Uncategorized
” जली हुई रोटी “
एक शाम माँ ने दिनभर की लम्बी थकान एवं काम के बाद जब डीनर बनाया तो उन्होंने पापा के सामने एक प्लेट सब्जी और एक…
View More ” जली हुई रोटी “” पाप की गठरी “
एक बार की बात है….. किसी राजा ने यह फैसला लिया के वह प्रतिदिन 100 अंधे लोगों को खीर खिलाया करेगा। एक दिन खीर वाले…
View More ” पाप की गठरी “” बुढ़िया “
कुछ दिन पहले मैं रघुवीर के घर गया था।ड्राइंग रूम में बैठा ही था कि उनकी कामवाली घर की सफाई में लगी हुई थी, रघुवीर…
View More ” बुढ़िया “” अहंकार का भ्रम और विश्वास की शक्ति “
एक व्यक्ति को इस बात का अत्यधिक घमंड था कि उसके बिना उसका परिवार एक दिन भी जीवित नहीं रह सकता। उसकी एक छोटी-सी किराने…
View More ” अहंकार का भ्रम और विश्वास की शक्ति “” बटुए की फोटो “
खचाखच भरी बस में कंडक्टर को एक गिरा हुआ बटुआ मिला जिसमे एक पांच सौ का नोट और भगवान् कृष्ण की एक फोटो थी। वह…
View More ” बटुए की फोटो “” जो भाग्य में अंकित है, वह मिलकर रहेगा “
पुराना कस्बा था—शांत, मगर रहस्यों से भरा। लोग कहते थे कि यहाँ रात के सन्नाटे में भगवान की मर्जी खुद बोलती है। उसी कस्बे में…
View More ” जो भाग्य में अंकित है, वह मिलकर रहेगा “” प्रथम अवसर “
एक किसान की बहुत ही सुन्दर बेटी थी। एक नौजवान लड़का उस किसान की बेटी से शादी की इच्छा लेकर किसान के पास आया। उसने…
View More ” प्रथम अवसर “” आज की ज़िंदगी, चमक में खोती साँसें “
ज़िंदगी अब पहले जैसी नहीं रही… पहले लोग मुस्कान बाँटते थे, अब स्टेटस अपडेट करते हैं। पहले चिट्ठियाँ लिखी जाती थीं, अब रीड होकर जवाब…
View More ” आज की ज़िंदगी, चमक में खोती साँसें “” जगत का पालनहार “
किसी नगर में एक सेठ जी रहते थे। उनके घर के पास ही एक मंदिर था। एक रात्रि को मंदिर में चल रहे एक भक्त…
View More ” जगत का पालनहार “