” हर झाँसा धोख़ा नहीं होता “

दिनभर का थका-हारा अविनाश रात का खाना खाकर अभी अपने कमरे में जाकर लेटा ही था कि पाँचवीं कक्षा में पढ़ने वाला उसका बेटा मनु…

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